गुड़गांव सिटी थाना प्रभारी मदन लाल ने न्यूज़ वेबसाइट स्क्रॉल को पुष्टि की है कि यह नोटिस हाउसिंग सोसाइटियों को भेजे जा चुके हैं. उन्होंने कहा, ‘दिल्ली धमाके के बाद हमने यह दिशानिर्देश जारी किया है.’
गुड़गांव के सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) विष्णु प्रसाद ने बताया कि यह अभियान जिला प्रशासन के निर्देश पर शुरू किया गया है. उन्होंने कहा, ‘हमें आदेश मिला है कि यह जांच की जाए कि कौन कहां से आया है और कितने समय से यहां रह रहा है. इसमें जम्मू-कश्मीर से आने वाले लोग और विदेशी नागरिक दोनों शामिल हैं. यह पूरी तरह सुरक्षा के उद्देश्य से की जा रही एक नियमित जांच है.’
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (धारा 163) के तहत जारी किया गया है, जिसमें सभी गेस्ट हाउस, पीजी, होटल और मकान मालिकों को अपने किरायेदारों और आगंतुकों का विवरण और उनके पहचान पत्र की फोटोकॉपी रजिस्टर में दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं. यह आदेश 31 जनवरी 2026 तक प्रभावी रहेगा.
‘अनावश्यक संदेह’
हालांकि, कई निवासियों ने इस तरह की जांच पर असहजता जताई है. सेक्टर 56 की निवासी सना खान ने हिंदुस्तान टाइम्स से कहा, ‘ऐसे आदेशों से खास क्षेत्रों के लोगों के प्रति अनावश्यक संदेह पैदा हो सकता है. हम सभी सुरक्षा चाहते हैं, लेकिन यह किसी पूरे समुदाय की पहचान के आधार पर जांच करने की कीमत पर नहीं होनी चाहिए. ध्यान संदिग्ध गतिविधियों पर होना चाहिए, न कि पहचान पर.’
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान पीजी आवासों और निजी अपार्टमेंट में रह रहे विदेशी छात्रों पर भी लागू होगा. एसीपी प्रसाद ने कहा, ‘निवासियों से सहयोग की अपील है. इसका उद्देश्य एक सुरक्षा तंत्र तैयार करना है, जिससे किराए के मकानों का दुरुपयोग रोका जा सके.’
यह निर्देश ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा एक अंतरराज्यीय आतंकी नेटवर्क पर कार्रवाई के बाद पूरे एनसीआर में सुरक्षा एजेंसियों ने सतर्कता बढ़ा दी है. सोमवार (10 नवंबर) की शाम लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-1 के पास एक कार में विस्फोट होने के बाद 13 लोगों की जान चली गई थी, फिलहाल धमाके के कारणों पर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन पुलिस ने गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है.
धमाके से कुछ घंटे पहले ही जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सोमवार को दावा किया था कि उसने एक ‘अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय आतंकी मॉड्यूल’ का पता लगाया है. पिछले तीन हफ्तों में केंद्र शासित प्रदेश की पुलिस ने इस मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया है.